
Panditji at Temple
काल सर्प दोष पूजा (Kaal Sarp Dosh)
लगभग 2 से 3 घंटे
Key Highlights
- कालसर्प दोष शांति के लिए विशेष अनुष्ठान
- राहु और केतु के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए पूजा
- जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने का उपाय
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए पूजा
About this Puja
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब जन्म कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है। ऐसा माना जाता है कि इस दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में संघर्ष, आर्थिक समस्याएं, मानसिक तनाव और कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं।
Kaal Sarp Dosh Puja एक शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान है जिसमें भगवान शिव, नाग देवता और नवग्रहों की पूजा की जाती है। यह पूजा विशेष रूप से त्र्यंबकेश्वर, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार जैसे पवित्र स्थानों पर भी की जाती है।
इस पूजा का उद्देश्य राहु-केतु से उत्पन्न नकारात्मक प्रभावों को कम करना और व्यक्ति के जीवन में शांति, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा लाना होता है।
Puja Process
1️⃣ संकल्प
पंडित द्वारा पूजा का संकल्प लिया जाता है।
2️⃣ गणेश पूजन
भगवान गणेश की पूजा करके सभी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की जाती है।
3️⃣ नवग्रह पूजन
नवग्रहों की पूजा कर ग्रहों को शांत किया जाता है।
4️⃣ नाग देवता पूजा
नाग देवता की विशेष पूजा की जाती है।
5️⃣ हवन अनुष्ठान
हवन के माध्यम से राहु-केतु दोष शांति के मंत्रों का जाप किया जाता है।
6️⃣ अभिषेक और प्रार्थना
भगवान शिव का अभिषेक करके पूजा पूर्ण की जाती है।
Benefits of this Puja
✨ जीवन की बाधाओं में कमी
✨ मानसिक तनाव और भय से राहत
✨ करियर और व्यापार में सुधार
✨ परिवार में शांति और स्थिरता
✨ राहु-केतु के दुष्प्रभाव कम होते हैं
Puja Samagri List
Verified list of items required for this auspicious ritual.
भगवान शिव की मूर्ति / शिवलिंग
नाग देवता की मूर्ति / फोटो
भगवान गणेश की मूर्ति / फोटो
पूजा चौकी
लाल या पीला कपड़ा
तांबे का कलश
नारियल
आम के पत्ते
रोली / कुमकुम
हल्दी
चावल (अक्षत)
फूल
बेल पत्र
अगरबत्ती
कपूर
घी का दीपक
सुपारी
पान के पत्ते
फल
मिठाई
पंचामृत
दूध
दही
शहद
गंगाजल
काला तिल
चांदी या तांबे के नाग-नागिन प्रतीक
हवन कुंड
लकड़ी (समिधा)
घी
हवन सामग्री
Frequently Asked Questions
1. Location
2. Pandit
3. Time Slot
4. Details
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